क्या हर महीने सिर्फ 5000 रुपये निवेश करके करोड़पति बना जा सकता है? सुनने में यह सपना जैसा लगता है, लेकिन फाइनेंशियल एक्सपर्ट अद्वैत अरोड़ा की बताई स्ट्रैटेजी इसे संभव बताती है। उनका कहना है कि सही समय, धैर्य और कंपाउंडिंग की ताकत से छोटा निवेश भी बड़े फंड में बदल सकता है। यह फॉर्मूला खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो लंबी अवधि में रिटायरमेंट के लिए मजबूत कॉर्पस बनाना चाहते हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 15 साल तक हर महीने 5000 रुपये की SIP करता है, तो उसका कुल निवेश मात्र 9 लाख रुपये होगा। लेकिन असली खेल यहीं से शुरू होता है। इन 15 साल के बाद निवेश रोककर उस जमा राशि को अगले 15 साल तक बिना छेड़े बढ़ने दिया जाए। यानी कुल 30 साल में कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता है।
12% रिटर्न पर क्या बनेगा फंड?
अगर निवेश पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 15 साल में 5000 रुपये की मासिक SIP लगभग 14.8 लाख रुपये बन जाएगी। इसके बाद यदि इस राशि को अगले 15 साल तक ऐसे ही बढ़ने दिया जाए, तो कुल कॉर्पस करीब 1.30 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यानी 9 लाख रुपये का निवेश करोड़ के पार जा सकता है।
13% और 14% रिटर्न का कमाल
अगर औसत रिटर्न 13% हो, तो 15 साल में यह राशि लगभग 25.93 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। अगले 15 साल में यही फंड बढ़कर 1.62 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। वहीं, 14% सालाना रिटर्न की स्थिति में 15 साल बाद कॉर्पस 28.26 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। और यदि इसे 15 साल और बढ़ने दिया जाए, तो कुल फंड करीब 2.02 करोड़ रुपये तक हो सकता है। यही कंपाउंडिंग की असली ताकत है।
क्या है SIP और क्यों है फायदेमंद?
SIP यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान एक अनुशासित निवेश तरीका है, जिसमें निवेशक हर महीने एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड में लगाते हैं। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर औसत हो जाता है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ती है। छोटे निवेशकों के लिए SIP एक आसान और प्रभावी तरीका है, जिससे धीरे-धीरे बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।






































